कुंभ, जनवरी 2027: चंद्र राशिफल
जनवरी 2027 में कुंभ राशि के लिए बारहवें भाव की हलचल खर्च, विश्राम और भीतरी तैयारी पर ध्यान दिलाती है, जबकि महीने के अंत में बुध का आपकी राशि में आना और शुक्र का लाभ भाव में पहुँचना बातचीत और मेल-जोल को हल्का बनाता है। 25 जनवरी को बृहस्पति का छठे भाव में जाना दिनचर्या को व्यवस्थित करने का अवसर देता है।
जनवरी 2027 में आपकी चंद्र राशि से गोचर
| ग्रह | चंद्र से भाव | निरयण राशि |
|---|---|---|
| सूर्य | 11 → 12 | धनु → मकर |
| बुध | 11 → 1 | धनु → कुंभ |
| शुक्र | 9 → 11 | तुला → धनु |
| मंगल (R) | 7 | सिंह |
| बृहस्पति (R) | 7 → 6 | सिंह → कर्क |
| शनि | 2 | मीन |
| राहु (R) | 12 | मकर |
| केतु (R) | 6 | कर्क |
मुख्य तिथियाँ
- — शुक्र वृश्चिक में प्रवेश (भाव 10)
- — अमावस्या · धनु (भाव 11)
- — बुध मकर में प्रवेश (भाव 12)
- — मंगल वक्री होता है
- — सूर्य मकर में प्रवेश (भाव 12)
- — पूर्णिमा · कर्क (भाव 6)
- — बृहस्पति कर्क में प्रवेश (भाव 6)
- — बुध कुंभ में प्रवेश (भाव 1)
- — शुक्र धनु में प्रवेश (भाव 11)
महीने की समग्र तस्वीर
कुंभ राशि वालों के लिए यह महीना दो हिस्सों में बँटा दिखता है। पहले पखवाड़े में सूर्य ग्यारहवें भाव में रहकर मित्रों और इच्छाओं के प्रति सहयोग देता है। 7 जनवरी को ग्यारहवें भाव में अमावस्या है, यानी नए संपर्कों और नई योजनाओं की शुरुआत का अच्छा समय। 15 जनवरी को सूर्य मकर में, यानी बारहवें भाव में जाता है, जहाँ राहु पहले से है। इससे खर्च, एकांत और विदेश से जुड़े विषय सामने आते हैं। शनि दूसरे भाव में है, इसलिए धन और वाणी में धैर्य और अनुशासन ज़रूरी रहेगा। महीने के अंत में बुध आपकी अपनी राशि में आता है।
करियर और धन
शुक्र 2 जनवरी से वृश्चिक में, यानी दसवें भाव में है। यह कार्यक्षेत्र में सौम्यता, सहयोग और अच्छी छवि का संकेत देता है। 30 जनवरी को शुक्र ग्यारहवें भाव में धनु में जाकर आय और मित्र-मंडली के लाभ को सहारा देगा। दूसरी ओर शनि दूसरे भाव में है और राहु बारहवें में, इसलिए खर्च पर नज़र रखना और बजट बनाकर चलना समझदारी है। 10 जनवरी से बुध भी बारहवें भाव में है, तो अनुबंध और हिसाब-किताब दोबारा पढ़कर ही आगे बढ़ें। 25 जनवरी के बाद बृहस्पति छठे भाव में काम की दिनचर्या और सेवा-क्षेत्र को मज़बूत करता है। बड़े वित्तीय फैसलों के लिए जल्दबाज़ी न करें।
रिश्ते और साझेदारी
सातवें भाव में मंगल सिंह राशि में है और 11 जनवरी को वक्री होता है। साझेदारी या वैवाहिक संबंध में तेज़ बातचीत और खींचतान की गुंजाइश बनती है। यह मंगल उसी विषय को दोबारा खोलता है, जिस पर पहले अधूरी बात रह गई थी। शांत स्वर में, ठोस उदाहरणों के साथ बात करें। बृहस्पति महीने के अधिकांश दिन सातवें भाव में वक्री है और 25 जनवरी को छठे भाव में जाता है, इसलिए साझेदारी के पुराने मुद्दों को सुलझाने का समय रहेगा। 30 जनवरी को शुक्र का ग्यारहवें भाव में आना मित्रों से मिलने और सामाजिक दायरा बढ़ाने के लिए अनुकूल है।
ऊर्जा और दिनचर्या
बारहवें भाव में सूर्य, बुध और राहु का जमाव इस महीने नींद, विश्राम और अकेले बिताए समय को महत्व देता है। यदि मन थका लगे तो इसे संकेत समझें कि दिनचर्या को हल्का करना है, काम का बोझ बढ़ाना नहीं है। 22 जनवरी की पूर्णिमा छठे भाव में है, जहाँ केतु भी है। यह रोज़मर्रा के काम, आदतों और सहकर्मियों से जुड़े परिणाम सामने ला सकती है। नियमित समय पर भोजन, टहलना और ध्यान आपके लिए उपयोगी रहेंगे। 28 जनवरी को बुध आपकी राशि में आता है, तो मन में स्पष्टता और बातचीत में सहजता बढ़ेगी।
सलाह और मुख्य तिथियाँ
7 जनवरी की अमावस्या के आसपास मित्रों या समूह के साथ किसी नई योजना की रूपरेखा बनाएँ। 10 से 15 जनवरी के बीच बुध और सूर्य के बारहवें भाव में आने पर खर्च की सूची बनाएँ और अनावश्यक वादों से बचें। 11 जनवरी को मंगल के वक्री होने के बाद साझेदारी की बातों को धीरे और स्पष्ट ढंग से सुलझाएँ। 22 जनवरी की पूर्णिमा पर काम की दिनचर्या का आकलन करें। 25 जनवरी से बृहस्पति के छठे भाव में होने पर कार्य-व्यवस्था सुधारें। 28 और 30 जनवरी को, जब बुध आपकी राशि में और शुक्र ग्यारहवें भाव में आते हैं, संवाद और नए संपर्क बढ़ाने के लिए समय निकालें। कुंभ राशि के लिए धैर्य इस महीने की कुंजी है।
ये भविष्यफल वैदिक ज्योतिष की चंद्र राशि के अनुसार हैं, पश्चिमी सूर्य राशि के नहीं। Astrolytix ऐप जन्म विवरण से आपकी चंद्र राशि निःशुल्क दिखाता है।
सभी समय UTC में हैं। राशियाँ निरयण (लाहिरी अयनांश) हैं, जैसा वैदिक ज्योतिष में; पश्चिमी सायन राशियों से लगभग 24° का अंतर है। दिन-स्तर की तिथियाँ दोपहर की स्थितियों से ली गई हैं, इसलिए आधी रात के बहुत करीब का राशि प्रवेश आपके समय क्षेत्र में पड़ोसी दिन पड़ सकता है।
देखें ये गोचर आपकी जन्म कुंडली को कैसे छूते हैं
Astrolytix आपकी वैदिक जन्म कुंडली, दशाएँ और व्यक्तिगत गोचर समयरेखा बनाता है, और हर अवधि को सरल भाषा में समझाता है — 16 भाषाओं में।
गणना: 2026-10-13