कर्क, जनवरी 2027: चंद्र राशिफल
जनवरी 2027 में कर्क राशि के लिए सबसे बड़ी बात है 25 जनवरी को बृहस्पति का आपकी ही राशि, यानी पहले भाव में आना, जहाँ केतु पहले से मौजूद है। महीने भर सूर्य और बुध आपके छठे से सातवें भाव में जाकर काम की दिनचर्या से साझेदारी की ओर ध्यान मोड़ते हैं।
जनवरी 2027 में आपकी चंद्र राशि से गोचर
| ग्रह | चंद्र से भाव | निरयण राशि |
|---|---|---|
| सूर्य | 6 → 7 | धनु → मकर |
| बुध | 6 → 8 | धनु → कुंभ |
| शुक्र | 4 → 6 | तुला → धनु |
| मंगल (R) | 2 | सिंह |
| बृहस्पति (R) | 2 → 1 | सिंह → कर्क |
| शनि | 9 | मीन |
| राहु (R) | 7 | मकर |
| केतु (R) | 1 | कर्क |
मुख्य तिथियाँ
- — शुक्र वृश्चिक में प्रवेश (भाव 5)
- — अमावस्या · धनु (भाव 6)
- — बुध मकर में प्रवेश (भाव 7)
- — मंगल वक्री होता है
- — सूर्य मकर में प्रवेश (भाव 7)
- — पूर्णिमा · कर्क (भाव 1)
- — बृहस्पति कर्क में प्रवेश (भाव 1)
- — बुध कुंभ में प्रवेश (भाव 8)
- — शुक्र धनु में प्रवेश (भाव 6)
इस माह की झलक
कर्क राशि के लिए जनवरी की शुरुआत में बृहस्पति दूसरे भाव में, सिंह राशि में, वक्री रहकर परिवार, धन और वाणी के विषयों को दोबारा परखने को कहता है। 25 जनवरी को वह कर्क राशि में, यानी आपके पहले भाव में आता है। यह आत्मविश्वास, सोच और स्वास्थ्य की दिनचर्या के लिए सहारा देने वाला बदलाव है। उसी पहले भाव में केतु है, इसलिए भीतर कभी-कभी अलगाव या उदासीनता का भाव आ सकता है। 22 जनवरी की पूर्णिमा आपकी अपनी राशि में पड़ती है और खुद से जुड़े प्रयासों के नतीजे सामने ला सकती है। शनि नौवें भाव में मीन राशि में है और भाग्य व गुरुजनों के मामलों में धैर्य व अनुशासन मांगता है।
करियर और धन
7 जनवरी की अमावस्या आपके छठे भाव में, धनु राशि में है। यह रोज़ के काम, समय-सारणी और सहकर्मियों से जुड़े मामलों में नई शुरुआत के लिए अच्छा समय है। 15 जनवरी को सूर्य मकर राशि में सातवें भाव में जाता है, तब साझेदारी और ग्राहकों से जुड़े काम सामने आते हैं। बुध 10 जनवरी को सातवें भाव में और 28 जनवरी को आठवें भाव में कुंभ राशि में जाता है, इसलिए अनुबंध, बातचीत और साझा संसाधनों के कागज़ात ध्यान से पढ़ें। मंगल दूसरे भाव में सिंह राशि में है और 11 जनवरी को वक्री होता है। खर्च या बातचीत में जल्दबाज़ी न करें और पुराने लेन-देन दोबारा जाँचें। बृहस्पति का दूसरे भाव से जाना माह के अंत में धन के मामलों में स्थिरता लाने में सहायक हो सकता है।
रिश्ते और परिवार
राहु आपके सातवें भाव में मकर राशि में है और सूर्य व बुध के वहाँ आने से साझेदारी का विषय और प्रबल हो जाता है। जीवनसाथी या करीबी साझेदार के साथ अपेक्षाएँ बढ़ सकती हैं, इसलिए साफ़ और शांत संवाद रखें। शुक्र 2 जनवरी को वृश्चिक राशि में, आपके पाँचवें भाव में जाता है। यह रोमांस, रचनात्मकता और बच्चों से जुड़े मामलों में मिठास और सहजता देता है। 30 जनवरी को शुक्र छठे भाव में धनु राशि में जाता है, तब रिश्तों में छोटी बातों पर सुलह और सेवा का भाव काम आएगा। दूसरे भाव में मंगल के वक्री होने से परिवार में बोलचाल की तीखाप आ सकती है, इसलिए शब्द सोचकर चुनें।
ऊर्जा और दिनचर्या
कर्क राशि के लिए पहला भाव शरीर और मन का है। केतु वहाँ होने से कभी ऊर्जा बिखरी या मन अलग-थलग लग सकता है। 22 जनवरी की पूर्णिमा के आसपास भावनाएँ तीव्र हो सकती हैं, इसलिए उस समय ध्यान, टहलना और पर्याप्त नींद मददगार रहेंगे। 25 जनवरी से बृहस्पति पहले भाव में आकर जीवन शक्ति और आत्मविश्वास को सहारा देता है। महीने के शुरू में सूर्य और अमावस्या छठे भाव में होने से नियमित दिनचर्या, भोजन के समय और व्यायाम की आदत बनाने के लिए अच्छा आधार मिलता है। मंगल की ऊर्जा का उपयोग शारीरिक गतिविधि में करें, बहस में नहीं।
सलाह और प्रमुख तिथियाँ
7 जनवरी की अमावस्या के आसपास काम की नई दिनचर्या या लक्ष्य तय करें। 10 जनवरी को बुध के सातवें भाव में आने के बाद साझेदारी से जुड़ी बातचीत शुरू करें। 11 जनवरी को मंगल के वक्री होने पर धन और परिवार के बड़े निर्णय जल्दबाज़ी में न लें। 15 जनवरी से सूर्य के सातवें भाव में रहते हुए सहयोगियों की बात सुनें। 22 जनवरी की पूर्णिमा पर अपनी उपलब्धियों का आकलन करें। 25 जनवरी को बृहस्पति के आने पर कर्क राशि के लिए नई योजनाओं और सीखने की शुरुआत उचित है। 28 जनवरी के बाद साझा खर्च और कागज़ात की समीक्षा करें, और 30 जनवरी को शुक्र के छठे भाव में आने पर सेवा और सहयोग का भाव अपनाएँ।
ये भविष्यफल वैदिक ज्योतिष की चंद्र राशि के अनुसार हैं, पश्चिमी सूर्य राशि के नहीं। Astrolytix ऐप जन्म विवरण से आपकी चंद्र राशि निःशुल्क दिखाता है।
सभी समय UTC में हैं। राशियाँ निरयण (लाहिरी अयनांश) हैं, जैसा वैदिक ज्योतिष में; पश्चिमी सायन राशियों से लगभग 24° का अंतर है। दिन-स्तर की तिथियाँ दोपहर की स्थितियों से ली गई हैं, इसलिए आधी रात के बहुत करीब का राशि प्रवेश आपके समय क्षेत्र में पड़ोसी दिन पड़ सकता है।
देखें ये गोचर आपकी जन्म कुंडली को कैसे छूते हैं
Astrolytix आपकी वैदिक जन्म कुंडली, दशाएँ और व्यक्तिगत गोचर समयरेखा बनाता है, और हर अवधि को सरल भाषा में समझाता है — 16 भाषाओं में।
गणना: 2026-10-13