मिथुन, नवंबर 2026: चंद्र राशिफल
मिथुन राशि के लिए नवंबर 2026 का महीना पाँचवें भाव की पढ़ाई, रचनात्मकता और रिश्तों की समीक्षा से शुरू होता है। 13 नवंबर के बाद बुध और शुक्र सीधी चाल में आते हैं, मंगल तीसरे भाव में पहुँचता है और 17 नवंबर से सूर्य छठे भाव में काम की दिनचर्या को बल देता है।
नवंबर 2026 में आपकी चंद्र राशि से गोचर
| ग्रह | चंद्र से भाव | निरयण राशि |
|---|---|---|
| सूर्य | 5 → 6 | तुला → वृश्चिक |
| बुध (R) | 5 | तुला |
| शुक्र (R) | 5 | तुला |
| मंगल | 2 → 3 | कर्क → सिंह |
| बृहस्पति | 3 | सिंह |
| शनि (R) | 10 | मीन |
| राहु (R) | 9 | कुंभ |
| केतु (R) | 3 | सिंह |
मुख्य तिथियाँ
- — शुक्र कन्या में प्रवेश (भाव 4)
- — अमावस्या · तुला (भाव 5)
- — बुध मार्गी होता है
- — मंगल सिंह में प्रवेश (भाव 3)
- — शुक्र मार्गी होता है
- — सूर्य वृश्चिक में प्रवेश (भाव 6)
- — शुक्र तुला में प्रवेश (भाव 5)
- — पूर्णिमा · वृषभ (भाव 12)
मिथुन राशि: महीने की समग्र तस्वीर
मिथुन राशि के लिए महीने की शुरुआत पाँचवें भाव पर केंद्रित है। सूर्य, वक्री बुध और शुक्र तुला में हैं, इसलिए पुरानी योजनाएँ, पढ़ाई, रचनात्मक काम और प्रेम से जुड़े विषय दोबारा सामने आते हैं। 9 नवंबर की अमावस्या इसी पाँचवें भाव में नया चक्र शुरू करती है। 13 नवंबर को बुध और 14 नवंबर को शुक्र मार्गी होते हैं, तब उलझी बातें साफ होने लगती हैं। तीसरे भाव में बृहस्पति और केतु हैं, और 13 नवंबर से मंगल भी वहाँ आता है। इससे साहस, पहल और भाई-बहनों से जुड़े विषय सक्रिय रहते हैं। दसवें भाव में वक्री शनि करियर में धैर्य माँगता है। 24 नवंबर की पूर्णिमा बारहवें भाव में खर्च और विश्राम पर ध्यान दिलाती है।
करियर और धन
दसवें भाव में मीन का शनि वक्री है। यह पूरे महीने करियर में अनुशासन, पुराने कामों की समीक्षा और धीमी पर टिकाऊ प्रगति का संकेत देता है। जल्दबाजी में बड़ा बदलाव करने के बजाय ज़िम्मेदारियाँ निभाते रहना बेहतर है। 17 नवंबर को सूर्य छठे भाव में जाता है। इसके बाद रोज़मर्रा का काम, प्रतिस्पर्धा और सेवा से जुड़े कार्य अधिक व्यवस्थित होते हैं और आपकी मेहनत दिखने लगती है। तीसरे भाव में बृहस्पति से संवाद, लेखन और छोटी यात्राओं के अवसर बनते हैं। 13 नवंबर के बाद मंगल भी वहाँ आता है और पहल की ऊर्जा बढ़ाता है। 13 नवंबर तक बुध वक्री है, इसलिए तब तक अनुबंध और भुगतान की शर्तें दोबारा पढ़ लें। बारहवें भाव की 24 नवंबर की पूर्णिमा के आसपास खर्चों पर नज़र रखें।
रिश्ते और परिवार
पाँचवें भाव में वक्री बुध और शुक्र के कारण पुराने प्रेम-प्रसंग, बच्चों से जुड़ी बातें या अधूरी बातचीत लौट सकती हैं। 6 नवंबर को शुक्र पीछे चलते हुए कन्या में, यानी चौथे भाव में आता है। तब घर, माँ और मन की शांति से जुड़े विषय ध्यान माँगते हैं। 9 नवंबर की तुला अमावस्या पाँचवें भाव में रिश्ते या रचनात्मक काम को नए सिरे से शुरू करने का अच्छा अवसर है। 14 नवंबर को शुक्र मार्गी होता है और 22 नवंबर को तुला में, यानी पाँचवें भाव में लौटता है। तब भावनाएँ अधिक स्पष्ट होती हैं। तीसरे भाव में केतु कभी-कभी भाई-बहनों या पड़ोस से दूरी का एहसास कराता है, जबकि बृहस्पति आपसी संवाद को सहारा देता है। मंगल के सिंह में आने पर बातचीत में तीखेपन से बचें।
ऊर्जा और दिनचर्या
इस महीने आपकी ऊर्जा का बड़ा हिस्सा तीसरे भाव से आता है। बृहस्पति स्थिरता देता है और 13 नवंबर से मंगल गति और उत्साह बढ़ाता है। इस ऊर्जा को व्यायाम, लेखन या किसी रचनात्मक काम में लगाएँ, ताकि वह बहस में न बदले। 17 नवंबर को सूर्य छठे भाव में आता है, तब दिनचर्या, नींद और भोजन का नियमित समय तय करना सहायक रहेगा। शुरुआती दिनों में वक्री ग्रहों के कारण मन कभी पुरानी बातों में अटक सकता है। ऐसे समय छोटी सैर या शांत समय मदद करता है। 24 नवंबर की पूर्णिमा बारहवें भाव में है, इसलिए उसके आसपास पर्याप्त आराम, एकांत और मन को शांत करने वाली गतिविधियों के लिए समय रखें।
सलाह और मुख्य तिथियाँ
9 नवंबर की अमावस्या पर पढ़ाई, रचनात्मक परियोजना या किसी रिश्ते के लिए एक स्पष्ट इरादा तय करें। 13 नवंबर को बुध मार्गी होता है और मंगल सिंह में जाता है। इसके बाद ज़रूरी संदेश, अनुबंध और निर्णय आगे बढ़ाना आसान रहेगा। 14 नवंबर को शुक्र मार्गी होता है। उस दिन रिश्तों और खर्चों पर नए सिरे से विचार करें। 17 नवंबर के बाद काम की दिनचर्या सुधारें और छोटी बाधाओं को क्रम से निपटाएँ। 22 नवंबर को शुक्र तुला में लौटता है, तब पाँचवें भाव के विषयों में सहजता आती है। 24 नवंबर की पूर्णिमा के आसपास अनावश्यक खर्च टालें और विश्राम को प्राथमिकता दें। मिथुन राशि के लिए इस महीने धैर्य और संतुलित संवाद सबसे उपयोगी रहेंगे।
ये भविष्यफल वैदिक ज्योतिष की चंद्र राशि के अनुसार हैं, पश्चिमी सूर्य राशि के नहीं। Astrolytix ऐप जन्म विवरण से आपकी चंद्र राशि निःशुल्क दिखाता है।
सभी समय UTC में हैं। राशियाँ निरयण (लाहिरी अयनांश) हैं, जैसा वैदिक ज्योतिष में; पश्चिमी सायन राशियों से लगभग 24° का अंतर है। दिन-स्तर की तिथियाँ दोपहर की स्थितियों से ली गई हैं, इसलिए आधी रात के बहुत करीब का राशि प्रवेश आपके समय क्षेत्र में पड़ोसी दिन पड़ सकता है।
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गणना: 2026-10-13