तुला, नवंबर 2026: चंद्र राशिफल
नवंबर 2026 में तुला राशि के लिए पहले भाव में अमावस्या, बुध और शुक्र की मार्गी चाल और ग्यारहवें भाव में बृहस्पति का सहारा मिलता है। महीने की शुरुआत आत्म-समीक्षा से होती है और बाद में लाभ, मित्रता और योजनाओं को आगे बढ़ाने का समय बनता है।
नवंबर 2026 में आपकी चंद्र राशि से गोचर
| ग्रह | चंद्र से भाव | निरयण राशि |
|---|---|---|
| सूर्य | 1 → 2 | तुला → वृश्चिक |
| बुध (R) | 1 | तुला |
| शुक्र (R) | 1 | तुला |
| मंगल | 10 → 11 | कर्क → सिंह |
| बृहस्पति | 11 | सिंह |
| शनि (R) | 6 | मीन |
| राहु (R) | 5 | कुंभ |
| केतु (R) | 11 | सिंह |
मुख्य तिथियाँ
- — शुक्र कन्या में प्रवेश (भाव 12)
- — अमावस्या · तुला (भाव 1)
- — बुध मार्गी होता है
- — मंगल सिंह में प्रवेश (भाव 11)
- — शुक्र मार्गी होता है
- — सूर्य वृश्चिक में प्रवेश (भाव 2)
- — शुक्र तुला में प्रवेश (भाव 1)
- — पूर्णिमा · वृषभ (भाव 8)
इस माह की झलक
तुला राशि के लिए महीने की शुरुआत पहले भाव में सूर्य, बुध और शुक्र के साथ होती है, इसलिए ध्यान स्वयं, स्वास्थ्य-दिनचर्या और अपनी छवि पर रहता है। बुध और शुक्र वक्री हैं, इसलिए पुराने विचार, पुराने संबंध और अधूरे निर्णय फिर सामने आ सकते हैं। 9 नवंबर को पहले भाव में अमावस्या है, जो तुला के लिए नया व्यक्तिगत चक्र शुरू करने का संकेत देती है। 13 नवंबर को बुध और 14 नवंबर को शुक्र मार्गी होते हैं, और उलझनें धीरे-धीरे साफ होने लगती हैं। 17 नवंबर को सूर्य दूसरे भाव यानी वृश्चिक में जाता है और ध्यान धन, परिवार और वाणी की ओर मुड़ता है।
करियर और धन
ग्यारहवें भाव में बृहस्पति सिंह राशि में है और केतु भी वहीं है। बृहस्पति लाभ और सहयोगियों से मदद का समर्थन करता है, जबकि केतु कुछ अपेक्षाओं से दूरी का भाव देता है। 13 नवंबर को मंगल दसवें भाव से ग्यारहवें भाव में सिंह राशि में आता है, जिससे करियर की मेहनत लाभ और नेटवर्क के काम में बदल सकती है। लक्ष्य तय करने और टीम के साथ पहल करने के लिए यह अच्छा समय है। 17 नवंबर के बाद सूर्य दूसरे भाव में आता है, इसलिए आय, बचत और बातचीत में स्पष्टता रखें। बुध के मार्गी होने से पहले अनुबंध और भुगतान की शर्तें दोबारा पढ़ लें। 24 नवंबर की पूर्णिमा आठवें भाव में है, इसलिए साझा संसाधनों से जुड़े विषयों में कुछ परिणाम सामने आ सकते हैं।
रिश्ते और परिवार
शुक्र तुला का स्वामी है और इस माह वक्री होकर पहले भाव से 6 नवंबर को कन्या राशि में बारहवें भाव में जाता है, फिर 22 नवंबर को वापस तुला में लौटता है। इसका अर्थ है कि रिश्तों में निजी समय, भावनाओं की समीक्षा और पुरानी बातों का समाधान ज़रूरी रहेगा। 14 नवंबर को शुक्र मार्गी होता है, और उसके बाद संवाद सहज होने लगता है। पांचवें भाव में राहु रोमांस और रचनात्मकता में तीव्रता ला सकता है, इसलिए जल्दबाज़ी से बचें। ग्यारहवें भाव का बृहस्पति मित्रों और सामाजिक दायरे में गर्मजोशी देता है। सूर्य के दूसरे भाव में जाने के बाद परिवार में बातचीत शांत और स्पष्ट रखें।
ऊर्जा और दिनचर्या
छठे भाव में शनि वक्री है, जो दिनचर्या में अनुशासन और धैर्य मांगता है। नियमित नींद, भोजन और काम के घंटे तय रखने से ऊर्जा स्थिर रहेगी। शुक्र का 6 से 22 नवंबर तक बारहवें भाव में रहना विश्राम, एकांत और मन को शांत करने का संकेत है। इस अवधि में दिन के कुछ घंटे बिना स्क्रीन के बिताना उपयोगी रहेगा। 13 नवंबर के बाद मंगल ग्यारहवें भाव में आता है और गतिविधि बढ़ाता है, पर उसे व्यायाम या व्यवस्थित कामों में लगाएं। 24 नवंबर की पूर्णिमा के आसपास भावनात्मक उतार-चढ़ाव हो सकता है, इसलिए उस सप्ताह काम का बोझ हल्का रखें।
सलाह और मुख्य तिथियां
9 नवंबर की अमावस्या पर तुला राशि के लिए एक व्यक्तिगत संकल्प लिखें, जैसे आदत, स्वास्थ्य-रूटीन या छवि से जुड़ा लक्ष्य। 13 और 14 नवंबर को बुध और शुक्र के मार्गी होने तक बड़े निर्णयों को अंतिम रूप देने से पहले एक बार फिर जांच लें। 13 नवंबर के बाद मित्रों, सहयोगियों और लाभ से जुड़े अवसरों पर सक्रिय रहें। 17 नवंबर से खर्च और बचत का हिसाब रखें और बोलते समय संयम बरतें। 22 नवंबर को शुक्र के तुला में लौटने पर रिश्तों और सौंदर्य से जुड़े कामों में नई शुरुआत करें। 24 नवंबर के बाद साझा वित्त या पुराने मामलों के परिणामों को शांति से संभालें।
ये भविष्यफल वैदिक ज्योतिष की चंद्र राशि के अनुसार हैं, पश्चिमी सूर्य राशि के नहीं। Astrolytix ऐप जन्म विवरण से आपकी चंद्र राशि निःशुल्क दिखाता है।
सभी समय UTC में हैं। राशियाँ निरयण (लाहिरी अयनांश) हैं, जैसा वैदिक ज्योतिष में; पश्चिमी सायन राशियों से लगभग 24° का अंतर है। दिन-स्तर की तिथियाँ दोपहर की स्थितियों से ली गई हैं, इसलिए आधी रात के बहुत करीब का राशि प्रवेश आपके समय क्षेत्र में पड़ोसी दिन पड़ सकता है।
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गणना: 2026-10-13