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वृश्चिक, दिसंबर 2026: चंद्र राशिफल

दिसंबर 2026 में वृश्चिक राशि के लिए 9 तारीख का अमावस्या पहले भाव में नई शुरुआत का संकेत देती है, जबकि 6 तारीख से राहु तीसरे और केतु नवें भाव में जाकर साहस व भाग्य के विषयों का रुख बदलते हैं। 12 दिसंबर को शनि का मार्गी होना पाँचवें भाव में स्थिरता लाता है, और 14 दिसंबर से बृहस्पति का वक्री होना करियर की गति को पुनर्विचार की ओर ले जाता है।

दिसंबर 2026 में आपकी चंद्र राशि से गोचर

ग्रहचंद्र से भावनिरयण राशि
सूर्य1 → 2वृश्चिक → धनु
बुध12 → 2तुला → धनु
शुक्र12तुला
मंगल10सिंह
बृहस्पति (R)10सिंह
शनि (R)5मीन
राहु (R)4 → 3कुंभ → मकर
केतु (R)10 → 9सिंह → कर्क

मुख्य तिथियाँ

माह का सार

वृश्चिक राशि के लिए यह माह स्वयं पर ध्यान देने का है। 2 दिसंबर को बुध पहले भाव में आता है और 9 दिसंबर की अमावस्या भी वृश्चिक में, यानी आपके पहले भाव में पड़ती है। यह अपने लक्ष्य, दिनचर्या और छवि को नए सिरे से तय करने का अच्छा समय है। 6 दिसंबर को राहु मकर में जाकर तीसरे भाव में आता है, जिससे पहल और संवाद की इच्छा बढ़ती है। उसी दिन केतु कर्क में नवें भाव में जाता है, इसलिए भाग्य, गुरुजनों और लंबी यात्राओं के प्रति थोड़ी अलगाव की भावना आ सकती है। 16 दिसंबर को सूर्य दूसरे भाव में जाता है और ध्यान परिवार व धन पर चला जाता है।

करियर और धन

मंगल और बृहस्पति दोनों सिंह में, आपके दसवें भाव में हैं, इसलिए कार्यक्षेत्र सक्रिय रहता है और जिम्मेदारियाँ सामने आती हैं। 14 दिसंबर को बृहस्पति वक्री होता है। यह मोड़ का दिन है। नए बड़े वादे करने के बजाय चल रहे प्रोजेक्ट, पद और लक्ष्यों की समीक्षा करना बेहतर रहेगा। मंगल की ऊर्जा से सहकर्मियों के साथ थोड़ी खींचतान संभव है, इसलिए बातचीत संयम से करें। 16 दिसंबर को सूर्य और 22 दिसंबर को बुध दूसरे भाव में आते हैं। इसके बाद आय, बजट और बातचीत से जुड़े मामलों पर ध्यान देना उपयोगी होगा। बड़े वित्तीय निर्णय जल्दबाज़ी में न लें।

रिश्ते और परिवार

शुक्र पूरे माह तुला में, आपके बारहवें भाव में रहता है। यह निजी समय, एकांत और करीबी रिश्तों में शांत जुड़ाव को बढ़ावा देता है, पर खर्च भी बढ़ा सकता है। पाँचवें भाव में शनि 12 दिसंबर को मार्गी होता है। प्रेम, बच्चों और रचनात्मक कार्यों में जो बातें धीमी या अटकी थीं, उनमें अब धीरे-धीरे स्पष्टता आ सकती है, पर धैर्य ज़रूरी है। 16 दिसंबर के बाद परिवार में बातचीत का महत्व बढ़ता है, इसलिए वृश्चिक राशि वाले अपनी वाणी को नरम रखें। 24 दिसंबर की पूर्णिमा आठवें भाव में पड़ती है और साझा संसाधनों या गहरी भावनात्मक बातों पर परिणाम सामने ला सकती है।

ऊर्जा और दिनचर्या

पहले भाव में अमावस्या के कारण 9 दिसंबर के आसपास आप नई दिनचर्या शुरू करने के लिए प्रेरित महसूस करेंगे। सुबह का समय तय करना, नियमित व्यायाम और नींद का क्रम बनाना अच्छा रहेगा। सूर्य 16 दिसंबर तक आपके पहले भाव में है और जीवन-शक्ति को सहारा देता है। शुक्र बारहवें भाव में है, इसलिए आराम, एकांत और मन को शांत करने वाले कार्यों के लिए समय निकालें। मंगल दसवें भाव में अधिक काम का दबाव दे सकता है, इसलिए बीच-बीच में विराम लें। 24 दिसंबर की पूर्णिमा के आसपास भावनाएँ गहरी हो सकती हैं, इसलिए ध्यान या शांत सैर मददगार रहेगी।

सलाह और मुख्य तिथियाँ

2 दिसंबर के बाद अपने लक्ष्य लिख लें और 9 दिसंबर की अमावस्या पर उनमें से एक छोटा, ठोस कदम शुरू करें। 6 दिसंबर के बाद साहस वाले कार्य, लेखन और छोटी यात्राएँ आगे बढ़ाएँ, पर गुरुजनों और पिता से संवाद बनाए रखें। 12 दिसंबर को शनि के मार्गी होने के बाद रचनात्मक और अध्ययन से जुड़ी योजनाओं पर नियमित काम शुरू करें। 14 दिसंबर के बाद करियर के फैसलों की समीक्षा करें, नए जोखिम से बचें। 16 से 22 दिसंबर के बीच खर्च और परिवार की बातचीत व्यवस्थित करें। 24 दिसंबर को साझा मामलों में जो परिणाम आएँ, उन्हें शांति से स्वीकार करें।

ये भविष्यफल वैदिक ज्योतिष की चंद्र राशि के अनुसार हैं, पश्चिमी सूर्य राशि के नहीं। Astrolytix ऐप जन्म विवरण से आपकी चंद्र राशि निःशुल्क दिखाता है।

सभी समय UTC में हैं। राशियाँ निरयण (लाहिरी अयनांश) हैं, जैसा वैदिक ज्योतिष में; पश्चिमी सायन राशियों से लगभग 24° का अंतर है। दिन-स्तर की तिथियाँ दोपहर की स्थितियों से ली गई हैं, इसलिए आधी रात के बहुत करीब का राशि प्रवेश आपके समय क्षेत्र में पड़ोसी दिन पड़ सकता है।

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गणना: 2026-10-13