कन्या, दिसंबर 2026: चंद्र राशिफल
दिसंबर 2026 में कन्या राशि के लिए साहस, संवाद और कमाई पर ध्यान रहेगा, जबकि 6 दिसंबर से राहु पाँचवें और केतु ग्यारहवें भाव में आते हैं। 12 दिसंबर को शनि का मार्गी होना साझेदारी में स्थिरता लाता है, और 24 दिसंबर की पूर्णिमा करियर के परिणाम सामने रखती है।
दिसंबर 2026 में आपकी चंद्र राशि से गोचर
| ग्रह | चंद्र से भाव | निरयण राशि |
|---|---|---|
| सूर्य | 3 → 4 | वृश्चिक → धनु |
| बुध | 2 → 4 | तुला → धनु |
| शुक्र | 2 | तुला |
| मंगल | 12 | सिंह |
| बृहस्पति (R) | 12 | सिंह |
| शनि (R) | 7 | मीन |
| राहु (R) | 6 → 5 | कुंभ → मकर |
| केतु (R) | 12 → 11 | सिंह → कर्क |
मुख्य तिथियाँ
- — बुध वृश्चिक में प्रवेश (भाव 3)
- — केतु कर्क में प्रवेश (भाव 11)
- — राहु मकर में प्रवेश (भाव 5)
- — अमावस्या · वृश्चिक (भाव 3)
- — शनि मार्गी होता है
- — बृहस्पति वक्री होता है
- — सूर्य धनु में प्रवेश (भाव 4)
- — बुध धनु में प्रवेश (भाव 4)
- — पूर्णिमा · मिथुन (भाव 10)
माह का सार
कन्या राशि वालों के लिए महीने की शुरुआत दूसरे और तीसरे भाव की गतिविधि से होती है। शुक्र पूरे माह तुला में दूसरे भाव में रहकर धन, परिवार और वाणी को सहारा देता है। 6 दिसंबर को राहु मकर में पाँचवें भाव में आता है, इसलिए रचनात्मकता, पढ़ाई और प्रेम के विषयों में उत्साह और बेचैनी दोनों बढ़ सकते हैं। उसी दिन केतु कर्क में ग्यारहवें भाव में जाता है, जो लाभ और मित्र-मंडली में थोड़ी अनासक्ति देता है। 16 दिसंबर के बाद सूर्य चौथे भाव में आता है और ध्यान घर तथा मन की शांति की ओर मुड़ता है।
करियर और धन
शुक्र दूसरे भाव में होने से आय और बातचीत में सहजता रहेगी। 2 दिसंबर को बुध वृश्चिक में तीसरे भाव में जाता है, जो लेखन, प्रस्तुति, सौदेबाज़ी और छोटी यात्राओं के लिए अच्छा है। 9 दिसंबर की अमावस्या तीसरे भाव में है, इसलिए कोई नई पहल या अभ्यास शुरू करने के लिए यह अच्छा समय है। 24 दिसंबर की पूर्णिमा मिथुन में दसवें भाव में है और करियर में पिछले प्रयासों के परिणाम दिखा सकती है। बृहस्पति बारहवें भाव में है और 14 दिसंबर से वक्री होता है, इसलिए खर्चों और विदेश से जुड़ी योजनाओं की दोबारा समीक्षा करें। बड़े निवेश का निर्णय जल्दबाज़ी में न लें।
रिश्ते और संबंध
कन्या राशि के लिए सातवें भाव में शनि मीन में है और 12 दिसंबर को मार्गी होता है। साझेदारी और विवाह के विषयों में जो बातें रुकी या अस्पष्ट थीं, वे धीरे-धीरे स्थिर दिशा पकड़ सकती हैं। इसमें धैर्य और स्पष्ट बातचीत काम आएगी। पाँचवें भाव में राहु के आने से 6 दिसंबर के बाद रोमांस और बच्चों से जुड़े मामलों में तीव्रता बढ़ सकती है, इसलिए अपेक्षाएँ साफ़ रखें। ग्यारहवें भाव में केतु मित्रों से कम दिखावे और अधिक सच्चे जुड़ाव की ओर ले जाता है। शुक्र दूसरे भाव में परिवार में मधुर संवाद का साथ देता है।
ऊर्जा और दिनचर्या
मंगल बारहवें भाव में सिंह राशि में रहकर ऊर्जा देता है, पर साथ ही नींद और विश्राम में थोड़ी खींचतान भी ला सकता है। इसलिए दिनचर्या में सोने का समय निश्चित रखें और शारीरिक गतिविधि को संतुलित रखें। 14 दिसंबर से वक्री बृहस्पति बारहवें भाव में भीतर झाँकने, ध्यान और एकांत के लिए अच्छा समय देता है। 16 दिसंबर को सूर्य चौथे भाव में आता है, और 22 दिसंबर को बुध भी वहीं पहुँचता है। तब घर में समय बिताना और माँ या परिवार के साथ बैठना मन को शांति देगा। महीने के अंत में स्वयं को थोड़ा धीमा करना उपयोगी रहेगा।
सलाह और मुख्य तिथियाँ
2 दिसंबर के बाद संवाद, ईमेल और ज़रूरी बातचीत निपटाएँ। 6 दिसंबर को राहु और केतु के बदलाव के बाद रचनात्मक कामों में लगें, पर बहकने से बचें। 9 दिसंबर की अमावस्या पर कोई छोटा, ठोस संकल्प लिखें। 12 दिसंबर को शनि मार्गी होने के बाद साझेदारी की शर्तें शांति से स्पष्ट करें। 14 दिसंबर से खर्चों और यात्रा की योजनाओं को दोबारा जाँचें। 16 और 22 दिसंबर के बाद घर को व्यवस्थित करें। 24 दिसंबर की पूर्णिमा पर कार्यक्षेत्र की उपलब्धियों का आकलन करें और आगे की योजना बनाएँ।
ये भविष्यफल वैदिक ज्योतिष की चंद्र राशि के अनुसार हैं, पश्चिमी सूर्य राशि के नहीं। Astrolytix ऐप जन्म विवरण से आपकी चंद्र राशि निःशुल्क दिखाता है।
सभी समय UTC में हैं। राशियाँ निरयण (लाहिरी अयनांश) हैं, जैसा वैदिक ज्योतिष में; पश्चिमी सायन राशियों से लगभग 24° का अंतर है। दिन-स्तर की तिथियाँ दोपहर की स्थितियों से ली गई हैं, इसलिए आधी रात के बहुत करीब का राशि प्रवेश आपके समय क्षेत्र में पड़ोसी दिन पड़ सकता है।
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गणना: 2026-10-13